शुक्रवार, 26 दिसंबर 2014

प्रेम / प्रमोद शर्मा / (कविता)

प्रेम - (एक)
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प्रेम करना
दुनिया में
सबसे सरल काम है।
बस
बिसराना होता है
स्वयं को
और छोड़ना पड़ता है
अहं।
प्रेम करना
दुनिया में
सबसे कठिन काम है।
क्योंकि
स्वयं को बिसराना
और
अहं छोड़ना
सबसे कठिन है।
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 - प्रमोद शर्मा

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुंदर रचना की प्रस्‍तुति।

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  2. रचना पसंद करने और मेरा हौसला बढ़ाने के लिए बहुत आभार और धन्यवाद जमशेद आज़मी जी .

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