प्रेम - (एक)
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प्रेम करना
दुनिया में
सबसे सरल काम है।
दुनिया में
सबसे सरल काम है।
बस
बिसराना होता है
स्वयं को
और छोड़ना पड़ता है
अहं।
बिसराना होता है
स्वयं को
और छोड़ना पड़ता है
अहं।
प्रेम करना
दुनिया में
सबसे कठिन काम है।
दुनिया में
सबसे कठिन काम है।
क्योंकि
स्वयं को बिसराना
और
अहं छोड़ना
सबसे कठिन है।
स्वयं को बिसराना
और
अहं छोड़ना
सबसे कठिन है।
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बहुत ही सुंदर रचना की प्रस्तुति।
जवाब देंहटाएंरचना पसंद करने और मेरा हौसला बढ़ाने के लिए बहुत आभार और धन्यवाद जमशेद आज़मी जी .
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